स्लीपर क्लास में 40 किलो वजन तक के सामान की छूट दी गई है। इससे ज्यादा वजन का सामान पार्सल के रूप में शुल्क देकर ही ले जाया जा सकेगा। बिना शुल्क के इससे ज्यादा वजन का सामान मिलने पर छह गुना जुर्माना लगेगा।

सख्ती से होगा पालन

साल 2006 में लागू न हो सके इस शासनादेश पर पिछले साल भी लोकसभा में विस्तार से चर्चा हुई थी। अब जाकर रेलवे ने इस नियम को सख्ती से लागू कराने को कहा है। स्लीपर क्लास में 40 किलो वजन तक का सामान ही निशुल्क ले जा सकेंगे।

ये रहेंगे सामान ले जाने के नियम

                          मुफ्त सामान      शुल्क देकर
एसी प्रथम श्रेणी       70 किलो           150 किलो
एसी द्वितीय श्रेणी      50 किलो          100 किलो
एसी तृतीय श्रेणी       40 किलो            40 किलो
स्लीपर क्लास          40 किलो            80 किलो
सेकेंड क्लास           35 किलो            70 किलो

अलग-अलग क्लास को मार्जिनल छूट

रेलवे के अनुसार एसी फर्स्ट में 15 किलो तो बाकी श्रेणी में वजन में 10-10 किलो की मार्जिनल छूट दी गई है। इससे अधिकतम सीमा का वजन ले जाने पर पार्सल चार्ज के छह गुना तक जुर्माना देना पड़ सकता है। अधिकतम तय सीमा पर सामान ले जाने वालों को पार्सल रूम में जाकर सामान बुक करना होगा।

यात्री भी कर सकते हैं शिकायत

अगर किसी यात्री को ट्रेन में बैठने के दौरान दिक्कत हो रही है तो वह भी इसकी शिकायत टीटीई से कर सकता है। टीटीई सामान को देखकर अंदाजा लगा लेगा कि सामान का वजन कितना है। अगर वजन तय सीमा से अधिक पाया गया तो टीटीई सामान पर जुर्माना भी लगा सकता है। कभी भी चेकिंग से बचने के लिए यात्रियोें को अब ट्रेनों में चढ़ने से पहले सतर्क होना होगा।

एयर इंडिया विमान में सामान भार (बिना शुल्क)

प्रथम श्रेणी : 40 किलो
बिजनेस श्रेणी : 35 किलो
इकोनॉमी श्रेणी : 25 किलो