Monday, 18 November 2019 13:16

पैदल चलने लायक भी नहीं रहीं सड़कें

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broken roads bijnor

बढ़ापुर कस्बे व क्षेत्र को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले बढ़ापुर-नगीना मार्ग के बेहद क्षतिग्रस्त होने पर वाहनों का इस मार्ग पर चलना जोखिम भरा हो गया है। क्षेत्रवासियों ने लोनिवि व प्रशासन से इस जर्जर मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग की है।

बढ़ापुर कस्बे व क्षेत्र को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले बढ़ापुर-नगीना मार्ग की दशा पिछले कई वर्षों से बड़ी दयनीय चल रही है। अब यह मार्ग इतनी बदहाली में पहुंच गया है कि मार्ग पर वाहनों का चलना दूभर बन गया है। मार्ग पर जहां तहां बन पड़े गड्ढे दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। कस्बे के लोगों द्वारा मार्ग की बदहाली व मार्ग के नवनिर्माण की मांग को लेकर समाधान दिवस व संबंधित विभाग से शिकायतें की जाती रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। बढ़ापुर क्षेत्र बुंदकी चीनी मिल का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक क्षेत्र होने पर क्षेत्र में स्थित मिल के दर्जनों गन्ना क्रय केंद्रों से गन्ना ढुलान में मार्ग की बदहाली की दिक्कतें आने पर लोनिवि फिलहाल मार्ग पर बने गड्ढों पर पैबंद लगाकर मार्ग को दुरुस्त करने की जुगत में लगा है। इस मार्ग पर बढ़ापुर से नगीना तक संचालित निजी बसों व दिल्ली जाने वाली परिवहन की निर्धारित समय की कुछ बसों का संचालन होता है। इस जर्जर मार्ग पर वाहनों का चलना दूभर बन गया है। इस संबंध में लोनिवि नजीबाबाद के सहायक अभियंता चंद्रशेखर का कहना है कि मार्ग पर मरम्मत का कार्य चलाया जा रहा है। आगामी मार्च से इस मार्ग के नवीनीकरण का कार्य भी प्रारंभ होना संभावित है।

पैदल चलने लायक भी नहीं रहीं सड़कें

नहटौर। आंकू मुस्सेपुर पाली लिंक मार्ग गड्ढों में तब्दील होने के बाद भी कोई सुध लेने वाला नहीं है। पांच वर्ष पूर्व बने इस मार्ग पर गड्ढा मुक्त करने का कार्य भी नहीं कराया गया। इससे मार्ग पर चलना दूभर हो गया हैं। किसान सबसे अधिक परेशान हैं। आए दिन किसानों के गन्ने से भरे वाहन पलट जाते हैं। हर दिन सड़क हादसे में किसी न किसी की जान जा रही है। सड़कें गड्ढे में तब्दील होेने के कारण खूनी हो गई हैं। पैदल चलने में भी डर लगने लगा है।

ग्रामीण पूर्व प्रधान शकील अहमद, सुरेंद्र सिंह, कमल कुमार, सोमवीर सिंह, ओमकार चौधरी, संजय कुमार, राम सिंह आदि ने बताया कि आंकू से मुस्सेपुर पाली करीब चार किमी लिंक मार्ग पांच वर्ष पूर्व बनाया गया था। इससे मुस्सेपुर, पाली, जसमौरा, नसीरपुर, कलाली, मिर्जापुर, मुनीमपुर, बुढ़पुर, भटियाना आदि करीब एक दर्जन गांव जुड़े हुए हैं। मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। गड्ढों को भरने के लिए भी कोई कार्य नहीं कराया गया। इससे हालत और खराब हो गए हैं। सड़क पर चलना दूभर हो गया है। गांव मुस्सेपुर पाली, बुढ़पुर, मिर्जापुर में शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र हैं, जिनसे गन्ना ढुलाई में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग में गड्ढे होने से आए दिन किसानों के गन्ने से भरे वाहन पलट जाते हैं। कई बार मार्ग को बनवाने की मांग ग्रामीण कर चुके हैं, लेकिन आज तक निर्माण तो दूर गड्ढा मुक्त तक नहीं कराया गया। सरकार के 15 नवंबर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश का कोई असर नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़क के बारे में मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर अवगत कराया जाएगा। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष संजीव चौधरी का कहना है कि गांवों के लिंक मार्ग बदहाल हैं। इसके लिए भाकियू जल्द ही अभियान चलाकर आवाज उठाएगी।

हाईवे पर भी चलना जोखिम से कम नहीं

नजीबाबाद। नजीबाबाद-हरिद्वार नेशनल हाईवे के गड्ढे यात्री और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। दुपहिया वाहन अक्सर गड्ढों से अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
नगर से होकर गुजरने वाला नजीबाबाद-हरिद्वार नेशनल हाईवे तीर्थनगरी हरिद्वार को जोड़ता है। नेशनल हाईवे से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहित यात्री सफर करते हैं। हाईवे पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे यात्रियों के लिए मुसीबत बने हैं। छोटे-बड़े वाहन चालक मोटाआम तिराहा, मालन नदी पुल क्षेत्र, अदब सिटी, बिजौरी तिराहा, रतनाल नदी पुल क्षेत्र, राहतपुर खुर्द, मंडावली, कांठपुर के सामने और भागूवाला में नेशनल हाईवे पर बने गड्ढों से जोखिम भरा सफर तय कर रहे हैं। दुपहिया वाहन तो अक्सर खस्ताहाल गड्ढों में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। नागरिकों मुकेश शर्मा, अबरार, दिनेश शर्मा, मुस्तकीम, नईम सिद्दीकी, कपिल आदि का कहना है कि एनएच कर्मचारियों की उदासीनता से नेशनल हाईवे को अभी तक गड्ढायुक्त नहीं किया जा सका है। बरसात के बाद हालांकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने गड्ढों की फिलिंग तो कराई लेकिन छोटे गड्ढों को छोड़ दिया। वाहनों के आवागमन से छोटे गड्ढे बड़े खस्ताहाल में तब्दील हो गए, जिससे यात्रियों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नांगलसोती में नांगल-चंदक मार्ग गांव हरचंदपुर में खस्ताहाल है। मार्ग पर गहरे गड्ढे और गड्ढों में जलभराव होने से राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

उधर, एसडीएम संगीता का कहना है कि खस्ताहाल नजीबाबाद-हरिद्वार नेशनल हाईवे उनके संज्ञान में है। उन्होंने और डीएम रमाकांत पांडेय ने खस्ताहाल नेशनल हाईवे की स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। जल्द ही नेशनल हाईवे को गड्ढामुक्त किया जाएगा।

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