बुधवार दोपहर जाम ने इस मुख्य चौराहे को अपनी गिरफ्त में ले लिया। जब तक यातायात पुलिस सतर्क हुई, तब तक सड़क के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लग चुकी थीं। बची कसर गलियों से निकल कर आईं ई-रिक्शाओं ने पूरी कर दी। जाम का आलम यह था कि पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा था। शहर में जाम की समस्या कोई नई नहीं है। ऐसा नहीं कि इस समस्या में जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी नहीं फंसते हैं। सब को शहर में लगने वाले जाम से रूबरू होना पड़ता है, लेकिन जाम से निजात पाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते हैं। अब हालात यह है कि जाम की यह समस्या बेकाबू हो चुकी है, जिसके सामने पुलिस भी बेबस हो चुकी है और लोग भी परेशान हो चुके हैं।