रविवार सुबह करीब 11.30 बजे सहारनपुर से सहरसा बिहार जा रही मालगाड़ी के चालक ने फजलपुर रेलवे स्टेशन मास्टर को रेलवे लाइन में फ्रैक्चर होने की जानकारी दी। फजलपुर स्टेशन मास्टर ने मौअज्जमपुर नारायण के स्टेशन अधिक्षक जयपाल ¨सह और मुरादाबाद कंट्रोल का सूचना दी। बताया जा रहा है कि मालगाड़ी से पहले भी ट्रेनें टूटी पटरी से गुजरीं। रेलवे लाइन में फ्रैक्चर होने से डाउन लाइन की गजरौला-नजीबाबाद पैसेंजर और गढ़वाल एक्सप्रेस को मौअज्जमपुर नारायण रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया, जबकि स्यालदाह एक्सप्रेस ट्रेन को काशन पर पास कराया गया। लाइन की मरम्मत के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ।

दो घंटे रोकी पैंसेजर ट्रेन

मौअज्जमपुर-नारायण रेलवे स्टेशन पर पटरी टूटी होने की वजह से गजरौला नजीबाबाद पैसेंजर को करीब सवा दो घंटे रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा। रेलवे सूत्रों के अनुसार स्यालदाह एक्सप्रेस ट्रेन को 12.50 मिनट पर काशन से पास किया गया। गढ़वाल एक्सप्रेस ट्रेन 12 .45 मिनट पर स्टेशन पर आई, जबकि उसे 1.10 बजे रवाना किया गया।

ट्रैक में खराबी, ट्रेनें न आने से बेहाल रहे यात्री

train track cracked kiratpur bijnor 2

नजीबाबाद: मुअज्जमपुर नारायण-फजलपुर रेलवे स्टेशन के बीच टूटी पटरी से रेलगाड़ियां दौड़ती रहीं। वहीं रेलवे अधिकारी घटना पर पर्दा डालने में जुटे रहे। पटरी में फ्रैक्चर के कारण जहां कई ट्रेनें घंटों विलंब से चलीं, वहीं सहारनपुर-अंबाला के बीच रेल ट्रैक पर काम के कारण कई ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया, लेकिन उद्घोषणा सार्वजनिक करने के बजाय अधिकारी मौन बने रहे।

शुक्रवार सुबह हावड़ा-अमृतसर रेलमार्ग के मुअज्जमपुर नारायण-फजलपुर रेलवे स्टेशन के बीच खंभा संख्या 1507/12 के डाउन लाइन पर मेजर फ्रैक्चर मिलने से रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद डाउन दिशा में जाने वाली ट्रेनों पर ब्रेक लग गया। उधर, घटना के संबंध में जब रेलवे अधिकारियों से जानकारी की गई, तो वे अनभिज्ञता जताते हुए घटना पर पर्दा डालने में जुटे रहे। दूसरी ओर सहारनपुर-अंबाला के बीच रेल ट्रैक पर काम होने के कारण शनिवार रात किसान एक्सप्रेस (3307 अप) एवं शनिवार सुबह बरौनी से अमृतसर जा रही जनसेवा एक्सप्रेस (5209 अप), अमृतसर से हावड़ा जा रही पंजाब मेल (3006 डाउन), सद्भावना एक्सप्रेस (5011 अप) ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया। रेल फ्रैक्चर होने के कारण ट्रेनें घंटों विलंब से पहुंचने और रेल ट्रैक पर काम होने के कारण महत्वपूर्ण ट्रेनों का रूट डायवर्ट करने की सूचना सार्वजनिक न किए जाने से ट्रेनों की प्रतीक्षा में खड़े लोग परेशान रहे। मालती, सर्वेश, शब्बीर, गुरजोत ¨सह, प्रीतम ¨सह ने रेलवे के ढुलमुल रवैये पर रोष जताया। इनका कहना है..यह कोई घटना नहीं है। यह रूटीन की बात है। यह इंजीनिय¨रग डिपार्टमेंट का रूटीन वर्क है। फ्रैक्चर तो होते रहते हैं। फ्रैक्चर का पता लगने पर मरम्मत करा दी गई है। - केएल वर्मा, सेक्शन इंजीनियर रेलपथ, नजीबाबाद