Monday, 27 August 2018 12:53

सुख़रो नदी के बीच फँसे कई मज़दूर बचाए गये

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sukhro rescue

नजीबाबाद में सूखरो नदी के उफान से हाईवे को बचाने में जुटे कई मजदूूर नदी के बीच फंस गए। बहते हुए तीन मजदूरों को उनके साथियों ने बचा लिया। प्रशासन की रेस्क्यू टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती सूखरो के बीच 19 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। डीएम और एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया।

नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग पर सूखरो नदी के पुल के निकट हाईवे को नदी के कटाव से सुरक्षित रखने में जुटे 19 मजदूरों की जान रविवार को प्रात: अचानक नदी के उफान से जोखिम में फंस गई। मजदूर नेशनल हाईवे को सूखरो नदी के कटान से बचाने के लिए सैंड बैग लगा रहे थे तभी अचानक सूखरो नदी में पहाड़ों की ओर से पानी आ गया। पलभर में सभी मजदूर नदी के विकराल रूप में घिर गए। मजदूरों के सूखरो नदी के बीच घिरने की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया।

एसडीएम डॉ.पंकज कुमार वर्मा, सीओ अरुण कुमार सिंह, थाना प्रभारी डीएस धामा पीएसी के गोताखोर, पुलिस बल और राजस्व कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सूखरो नदी की धारा में फंसे तीन मजदूरों को रस्सियों के सहारे बाहर निकाल लिया गया। बताया जाता है कि तीन मजदूर रईस, मोनिस और समीर नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए थे। प्रशासन की टीम पहुंचने से पहले साथी मजदूरों ने उन्हें बचा लिया, लेकिन स्वयं वे नदी के विकराल रूप में घिर गए।

सूचना मिलने पर डीएम अटल राय, एसपी उमेश कुमार नेे क्षेत्र का दौरा किया। अधिकारियों ने सूखरो सड़क मार्ग को वह क्षतिग्रस्त स्थान भी देखा जहां नदी के उफान से हाईवे का आधे से अधिक भाग क्षतिग्रस्त हो चुका है। हाईवे के क्षतिग्रस्त भाग को बचाने के लिए मजदूर सैंड बैग लगा रहे थे तभी नदी के बढ़े जलस्तर के विकराल रूप में घिर गए।

मौत के मुंह से निकाले मजदूर

नजीबाबाद। सूखरो नदी में घिरे मजदूरों के सकुशल बाहर निकाले जाने से परिजनों ने राहत की सांस ली। मौत के मुंह से बचकर आए गांव जसवंतपुर लुकादड़ी के मजदूरों में रईस, मोनिस, समीर, मुख्तार, अकरम, दिलशाद, अहसान, मो.नौशाद, सद्दाम, शकील, आलम, खालिद, अबरार, तौकीर, इरफान, फैजुल, शाहनवाज, बाबू, दिलशाद शामिल थे।

कछियाना बस्ती पहुंचे अधिकारी

नजीबाबाद। डीएम व एसपी ने एसडीएम व सीओ के साथ नगर की आबादी से जुड़ी कछियाना बस्ती का भी निरीक्षण किया। कछियाना की पूरी बस्ती शनिवार को मालन नदी के उग्र रूप से बाढ़ जैसी स्थिति से प्रभावित है। कछियाना क्षेत्र में मालन नदी का पानी कम हो गया है, लेकिन कुछ मकान अभी भी प्रभावित हैं। डीएम ने प्रभावित लोगों को भोजन व रहने के सुरक्षित स्थान के बारे में एसडीएम से जानकारी की।

टीम ने बांटे खाने के पैकेट 

नजीबाबाद। मालन नदी से प्रभावित कछियाना के लोगों के घरों में शनिवार को चूल्हे नहीं जले। एसडीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित कछियान वासियों को एक हजार खाने के पैकेट शनिवार को बांटे। रविवार को प्रभावित लोगों के खाने की व्यवस्था गांव में जुटाई गई।

कंट्रोल रूम और बाढ़ चौकी बनी

नजीबाबाद। प्रशासन ने पहाड़ों पर हुई वर्षा से नदियों के उफान से क्षेत्र के लोगों को बचाने के लिए राहत चौकियां बनाई हैं। तहसील में नायब तहसीलदार सीके त्रिपाठी के निर्देशन में कंट्रोल रूम बनाया गया। कंट्रोल रूम के अतिरिक्त एमडीएस इंटर कॉलेज नजीबाबाद, किरतपुर और भागूवाला में अस्थायी बाढ़ चौकियां बनाई गईं हैं।

गूलाह, नकटा नदियों मंे आया उफान, तीन घर पानी में बहे

बढ़ापुर में वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदियों ने भू कटाव करना शुरू कर दिया है। बढ़ापुर कस्बा तीनों ओर से गूलाह, नकटा नदी से घिरा है। क्षेत्र में बहने वाली नदियों का जलस्तर पहाड़ी क्षेत्र में होने वाली वर्षा पर निर्भर है। दो दिन पूर्व पहाड़ी क्षेत्र में हुई भीषण वर्षा के चलते क्षेत्र की नदियां उफान पर हैं। शनिवार को कस्बे का क्षेत्र के गांवों और खो नदी का पानी बढ़ापुर-नगीना मार्ग पर कई फीट ऊंचाई तक बहने के कारण जनपद मुख्यालय से संपर्क कट गया था। रविवार को जलस्तर में कमी आई, लेकिन भूकटाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। गूलाह नदी का पानी शनिवार रात मोहल्ला गड़रियान में कई घरों में घुस गया। वहीं गूलाह नदी के पानी से उत्पन्न भूकटाव की चपेट में आकर मोहल्ले के राजपाल, रामपाल, देवेश के घर का एक भाग गूलाह नदी में बह गया। मोहल्ला लालसराय के भी दर्जनों मकान इन नदियों के मुहाने पर हैं।

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