bypass road

नगीना के सांसद डॉ. यशवंत सिंह ने बताया कि लोकसभा क्षेत्र में जल्द ही छह नए मार्गों का निर्माण होगा। 16 नए पुल बनेंगे। पांच ऐसे बड़े मार्ग बनेंगे, जो बाईपास के रूप में दूसरे मार्गों से जाकर मिलेंगे।

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bijnor bridge

बिजनौर में गंगा पर नारनौर गांव से बनने वाले पुल सहित तीन पुलों के निर्माण को वन विभाग ने मंजूरी दे दी है। 2008 से नारनौर के पास पुल का निर्माण शुरू हो गया था, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने पर पुल का निर्माण बीच में ही रोक दिया गया था। करोड़ों रुपये लगने के बाद पुल निर्माण अधर में छोड़ दिया गया था। इस पुल के बनने से उत्तराखंड, बिजनौर से मेरठ, दिल्ली व हरियाणा की दूरी काफी कम हो जाएगी।

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sukhro bridge

नजीबाबाद/ बड़िया में कोटद्वार ब्रांच लाइन पर नवनिर्मित सूखरो रेल पुल पर ट्रायल इंजन 27 मार्च को (आज) चलेगा। ट्रायल इंजन के बाद नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर 8 माह बाद ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो जाएगा।

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sukhro bridge

नजीबाबाद में कोटद्वार ब्रांच लाइन पर सूखरो नदी के निर्माणाधीन पुल का दिल्ली और मुरादाबाद से आए तकनीकी रेलवे अधिकारियों ने निरीक्षण किया। बड़ौदा हाउस से आए तकनीकी अधिकारियों ने मार्च के प्रथम पखवाड़े में पुल निर्माण पूरा होने की संभावना व्यक्त की।

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 najibabad kotdwar bridge

नजीबाबाद में कोटद्वार-नजीबाबाद के बीच क्षतिग्रस्त सूकरो रेलवे पुल का दूसरा पिलर ढह जाने के बाद रेलवे ने पुराने पिलरों की मरम्मत के बजाय पुल का नए सिरे से ही निर्माण करने का निर्णय कर लिया है। रेलवे अब बरसात के खत्म होने और सुखरो नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार कर रही है।

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bridge rebuilt

नजीबाबाद : सुखरो नदी में आए उफान में बहे रेल पुल की मरम्मत पर करीब 70 लाख रुपए खर्च होंगे और इस पुल पर 15 अक्टूबर तक ट्रेन चलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। यह बात सोमवार को टूटे पुल के निरीक्षण करने पहुंचे उत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य अभियंता आरके अग्रवाल ने कही।

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kotdwara branch line railway bridge over the river fell sukro pilar

नजीबाबाद में गत वर्षों में सूकरो नदी रेल पुल के दोनों ओर काफी नजदीक खनन माफिया ने रेत-बजरी का ताबड़तोड़ अवैध खनन किया। खनन माफिया के हौसले इतने बढ़े हुए थे कि खनन वाहनों की आवाजाही के लिए पुल के नीचे रास्ता बना लिया गया था। रेल अधिकारियों ने इसका ठीकरा वन विभाग के अधिकारियों के सिर फोड़ा। उनका कहना था कि कौड़िया वन रेंजर एवं अन्य अधिकारी अवैध खनन पर चुप्पी साधे बैठे थे।

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