Sunday, 09 June 2019 14:27

बैराज पुल बंद होने से सैकड़ों लोग बेरोजगार

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ganga barrage bridge bijnor

मध्य गंगा बैराज का पुल क्षतिग्रस्त होने से केवल वाहनों का आवागमन बाधित नहीं हुआ, बल्कि सैकड़ों लोगों का रोजगार भी ठप हो गया है।

मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर स्थित इस पुल से गुजरने वाले वाहनों के कारण कई ढाबों पर अच्छा कारोबार होता था, लेकिन अब इन पर सन्नाटा पसरा है। कुछ पर तो ताला लटक गया है। डेढ़ माह बीतने के बावजूद पुल की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका।

बता दें कि 19 अप्रैल को मध्य गंगा बैराज का पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इस पुल पर तभी से भारी वाहनों का यातायात बंद है। केवल छोटे वाहन ही पुल से गुजर रहे हैं। पुल बंद होने से मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर सन्नाटा पसरा रहता है। मीरापुर से मुजफ्फरनगर रोड और मीरापुर से देवल तक कई ढाबे हैं। पुल क्षतिग्रस्त होने से पूर्व इस रूट से प्रतिदिन हजारों की संख्या में ट्रक व अन्य बड़े वाहन गुजरते थे। इन्हीं के जरिए ढाबा संचालकों की अच्छी कमाई होती थी। लेकिन अब इन ढाबों पर सन्नाटा पसरा है।

न्यू चौधरी हिमालय ढाबा के मालिक आबाद व अरदास निवासी गांव मुझेड़ा बताते हैं कि प्रतिदिन करीब 60 बसें ढाबे पर रुकती थीं। उनके ढाबों से तकरीबन 100 लोगों की रोजी-रोटी चलती थी, लेकिन अब सब ठप है। राजा ढाबा के मालिक मुन्ना निवासी मीरापुर, बताते हैं कि प्रतिदिन ट्रकों व अन्य वाहनों की लाइन लगी रहती थी।

पूजा प्लाजा होटल मालिक महकार सिंह व ठेकेदार विकास शर्मा बताते हैं कि होटल के साथ ही करीब आठ दुकानें संचालित होती हैं। 30 से ज्यादा परिवारों की रोजी-रोटी इस ढाबे से चलती थी। चौधरी ढाबा के इकबाल, इरफान और यहीं पर टायर पंचर की दुकान चलाने वाले मोहम्मद इकबाल निवासी गढ़ी मुझेड़ा का कहना है कि पूरा कारोबार ठप हो गया है। बीआईटी के पास संचालित अनुबंधित ढाबा डबल सेवन स्टार पर यूपी व उत्तराखंड की 100 से भी ज्यादा रोडवेज बसें प्रतिदिन रुकती थीं। इस ढाबे के बंद होने से करीब 200 लोगों का रोजगार बंद हो गया है।

यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत

बैराज पुल क्षतिग्रस्त होने से बिजनौर और मुरादाबाद जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत हो गई। रोडवेज बसों का संचालन मुजफ्फरनगर से बैराज पुल तक हो रहा है। यात्रियों को पुल पैदल पार करना पड़ता है। इसके बाद बिजनौर की ओर जाने के लिए दूसरी बस मिलती है। दिन में तो बसों की व्यवस्था ठीक रहती है, लेकिन शाम के बाद परेशानी शुरू हो जाती है। दोनों ओर रोडवेज की बसों का तालमेल ठीक नहीं है। इसके चलते यात्री परेशान रहते हैं। रात को तो बसें मिलती ही नहीं हैं।

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